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क्रं. |
शीर्ष |
विवरण |
| 1 |
वातावरण
निर्माण एवं प्रशिक्षण |
शासकीय एवं
अर्ध-शासकीय कार्यालयों में संचार एवं सूचना-प्रौद्योगिकी सुविधाओं के सुचारू
एवं सही उपयोग हेतु वातावरण निर्माण एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण। |
| 2 |
हार्डवेयर
सुविधाएं |
जि.सू.-वि.के. में नवीनतम हार्डवेयर सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोई भी
शासकीय एवं
अर्ध-शासकीय कार्यालय इसका उपयोग कर सकता है। |
| 3 |
सॉफ्टवेयर
सुविधाएं |
जि.सू.-वि.के. में विंडोज़, यूनिक्स एवं लिनिक्स के साथ ही कई सामान्य तथा
विशिष्ट कार्यक्षमता के सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं। जि.सू.-वि.के. किसी भी
शासकीय एवं
अर्ध-शासकीय
संस्था के उपयोग हेतु किसी भी प्रकार का उपयोगी सॉफ्टवेयर बनाने के लिये
पूर्णतः योग्य एवं सक्षम है।
जि.सू.-वि.के. द्वारा पूर्व से ही जिलाध्यक्ष
कार्यालय तथा कई अन्य कार्यालयों के लिये यह कार्य किया हुआ है।
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| 4 |
उपयेगकर्ताओं
को मदद |
जि.सू.-वि.के. द्वारा उपयोगकर्ता कार्यालयों को उनके सभी कंप्यूटर संबंधी
कार्यों में पूर्ण मदद की जाती है। |
| 5 |
ई-मेल
सुविधाएं |
जि.सू.-वि.के. द्वारा
शासकीय एवं अर्ध-शासकीय कार्यालयों को निकनेट अंतर्गत
ई-मेल सुविधा प्रदान की जाती है। |
| 6 |
स्थानीय
कम्प्यूटर संजाल सुविधाएं |
जि.सू.-वि.के. द्वारा जिलाध्यक्ष एवं अन्य कार्यालयों में स्थानीय कम्प्यूटर
संजाल सुविधाओं का संचालन किया जाता है। |
| 7 |
ई-गव्हर्नेन्स |
जि.सू.-वि.के. द्वारा जिले में सभी प्रकार की ई-गव्हर्नेन्स संबंधी
गतिविधियों में पूर्ण मदद की जाती है। केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा बनाए
सभी प्रकार के ई-गव्हर्नेंस सॉफ्टवेयर जि.सू.-वि.के. के सहयोग से चलाए जा रहे
हैं। |
| 8 |
दृष्य
सम्मेलन |
जि.सू.-वि.के. द्वारा जिलाध्यक्ष कार्यालय में दृष्य सम्मेलन (वीडियो
कॉन्फरेंसिंग) की सुविधा प्रदान की गई है। इस सुविधा का उपयोग कई विभागों
द्वारा जिला स्तर के अधिकारियों से बातचीत के लिये किया जा रहा है। |
| 9 |
वेब साइट |
जि.सू.-वि.के. द्वारा स्थानीय शासकीय कार्यालयों के लिये वेब-साइट बनाई जाती
है तथा उसके रखरखाव संबंधी सहायता दी जाती है। |
| 10 |
अन्य कार्य |
जिलाध्यक्ष
/ शासन / रा.सू.-वि.के. द्वारा सौंपा
गया कोई अन्य सूचना-प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य। |
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प्रशिक्षण -
जि.सू.-वि.के. द्वारा समय
- समय पर स्थानीय शासकीय कर्मचारियों के लिये प्रशिक्षण
कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे हैं। पूर्व में राजस्व विभाग के लगभग
250 कर्मचारियों, जिसमें तहसीलदार, नायब-तहसीलदार, भू-अभिलेख
अधीक्षक एवं सहायक अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी शामिल हैं, का सभी
8 तहसीलों में प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। औसतन
50 से 100 कर्मचारियों को
प्रतिवर्ष
सूचना-प्रौद्योगिकी संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है।
-
निकनेट
संपर्क तथा ई-मेल - जिले में लगभग 70
कार्यालयों को निकनेट सुविधा से जोड़ा जाकर उन्हे ई-मेल की सुविधा प्रदान की गई
है। इन सभी कार्यालयों को सतत् सहायता एवं मार्गदर्शन दिया जाता है।
-
दृष्य सम्मेलन केन्द्र -
लीज़ लाईन तथा उपग्रह की सहायता से यह सुविधा दी गई है।
प्रतिमाह विभिन्न विभागों के ऐसे औसतन 25 सम्मेलन
आयोजित होते हैं।
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स्थानीय कम्प्यूटर संजाल -
जिलाध्यक्ष कार्यालय एवं निकटवर्ती अन्य कार्यालयों - पुलिस अधीक्षक, जिला
व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जिला कोषालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, खरगौन जनपद
पंचायत, भू-अभिलेख, जिला शहरी विकास अभिकरण,
खाद्य एवं आपूर्ती, अंत्यवसायी,
खनिज - को स्थानीय कम्प्यूटर संजाल द्वारा जोड़ा गया है। इससे
इन कार्योलयों को इंटरनेट व ई-मेल सुविधा प्राप्त हुई है तथा जानकारियों व
संसाधनों को आपस में आसानी से बांटना संभव हो सका है। इन कार्यालयों के
60 से अधिक कम्प्यूटर इस संजाल द्वारा आपस में जुड़े हुए हैं।
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ई-गव्हर्नेन्स प्रोजेक्ट्स -
सीमित संसाधनों के होते हुए भी
12 केन्द्रीय,
14 राज्य शासन के तथा 27
स्थानीय ई-गव्हर्नेंस प्रोजेक्ट का जिला, तहसील एवं जनपद पंचायत स्तर पर सफलता
पूर्वक संचालन किया जा रहा है।
ई-गव्हर्नेन्स
प्रोजेक्ट्स की यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
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लोकसभा एवं
विधानसभा
निर्वाचन - वर्ष 1993 से जि.सू.-वि.के. द्वारा
निर्वाचन दायित्वों का सफालता पूर्वक निर्वहन किया जा रहा है। निर्वाचन संबंधी
सभी कार्य जिसमे मानव-संसाधन प्रबंधन से लेकर गणना कार्य तक तथा विभिन्न
जानकारियों के एकत्रीकरण व सारणीकरण से लेकर उनको विभिन्न वरिष्ठ कार्यालयों तक
भिजवाने तक का कार्य सम्मिलित हैं,
जि.सू.-वि.के. द्वारा किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त निर्वाचन नामावली संबंधी
कार्य में पूर्ण मदद की जाती है।
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वेब-साइट्स - जिले की अधिकृत
वेब-साइट के साथ साथ विभिन्न कार्यालयों एवं महाविद्यालयों की वेब-साइटों को
निकनेट पर रखा गया है।
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जिला न्यायालय - जिला न्यायालय
में सूचना-प्रौद्योगिकी संबंधी सभी प्रकार के कार्यों में सहायता दी जा रही है।
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पोस्ट ऑफिस -
जि.सू.-वि.के. से
2 एम.बी.पी.एस. लीज़ लाइन से जुड़ा हुआ है। नेटवर्क एवं
एन.आय.सी. के विभिन्न सॉफ्टवेयर के उपयोग में सहायता दी जाती है।
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वन विभाग - यह कार्यालय
भी जि.सू.-वि.के. से 2 एम.बी.पी.एस. लीज़ लाइन से जुड़ा हुआ है।