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निमाड़ एवं महेश्वर
का इतिहास लगभग 4500 वर्ष पुराना है। महेश्वर को रामायण
काल में महिश्मति के नाम से जाना जाता था।
रामायण काल में महिश्मति हैहय वंश के बलशाली शासक
सहस्रार्जुन की राजधानी थी, जिसने रावण को
भी परास्त किया था।
महाभारत काल में यह शहर
अनूप जनपद
की राजधानी था।
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महेश्वरी
साड़ियों का इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना है। होलकर वंश की महान शासक देवी
अहिल्याबाई होलकर ने यहां सन् 1767 में कुटीर उद्योग स्थापित करवाया था। गुजरात
एवं भारत के अन्य शहरों से बुनकरों के परिवारों को उन्होने महेश्वर ला कर बसाया
तथा उन्हे घर, व्यापार आदि की सुविधाएं प्रदान कीं। पहले केवल सूती साड़ियां ही
बनाई जाती थीं परन्तु धीरे धीरे इसमें सुधार आता गया तथा अब उच्च गुणवत्ता वाली
रेशमी तथा सोने व चांदी के धागों से बनी साड़ियां भी बनाई जाती हैं। वर्तमान में
लगभग 1000 परिवार इस कुटीर उद्योग से जुड़े हुए हैं।
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