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पर्यटन
ऊन
खरगौन मुख्यालय से 18
किलोमीटर पश्चिम में खरगौन - जुलवानिया - बड़वानी - बड़ौदा मार्ग पर स्थित है। इस
स्थान से प्राप्त पुरातत्वीय अवशेष यह दर्शाते हैं कि यह स्थान लगभग 1000 वर्षों
पहले उन्नत अवस्था में था। यहां पर 12 मन्दिरों का एक समूह है जो कि मालवा के परमार
राजाओं द्वारा बनाए गये हैं। इनमें से अधिकांश मन्दिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं।
ये सभी मन्दिर खजुराहो के समकालीन हैं। इन्हे परमार राजा उदयादित्य द्वारा बनाया
गया था। इसी वंश के एक अन्य राजा देवपाल द्वारा महिष्मति में जारी एक ताम्रपत्र ऊन
के सिध्देश्वर मन्दिर से मिला है। इस ताम्रपत्र के अनुसार प्रतिहार साम्राज्य के
विघटन के पश्चात, 812 ईस्वी के आसपास, निमाड़ का कुछ भाग परमार राजाओं के आधिपत्य
में चला गया था जिन्होने लगभग 400 वर्षों तक इस भू-भाग पर शासन किया।
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इसके अतिरिक्त ऊन में नीलकण्ठेश्वर
मन्दिर, हाटकेश्वर / गुप्तेश्वर मन्दिर, ऊँकारेश्वर मन्दिर, कमल तलाई, खेडापति
हनुमान मन्दिर, नारायण कुण्ड, महाकालेश्वर मन्दिर, नाग मन्दिर इत्यादि स्थान
देखने योग्य हैं।
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